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WiredMind

सवाल

क्या मक्खियों में याददाश्त होती है?

हाँ। फल मक्खी सीख सकती है कि किसी गंध का मतलब खाना है या ख़तरा, और इसे घंटों या दिनों तक याद रख सकती है। याद मशरूम बॉडी में बनती है।

प्रयोगों में, जिन मक्खियों को कोई गंध चीनी के साथ मिली, वे बाद में उस गंध की ओर चलती हैं, और जिन्हें वही गंध हल्के बिजली के झटके के साथ मिली, वे उससे बचती हैं। उन्होंने सीख लिया है, और वे इसे घंटों, कभी-कभी दिनों तक याद रख सकती हैं।

सीखना मशरूम बॉडी में होता है। दिमाग के हर तरफ़ लगभग 2,000 केनियन कोशिकाएँ हर गंध को उसका अपना पैटर्न देती हैं, और आउटपुट न्यूरॉन उस पैटर्न को पढ़ते हैं। जब कोई गंध इनाम या सज़ा के साथ आती है, तो दोनों समूहों के बीच के सिनैप्स की ताक़त बदल जाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यही बदलाव याद है। WiredMind का पाठ यह रास्ता दिखाता है, पर उसमें कुछ भी सीखता नहीं: उसके जुड़ाव कभी नहीं बदलते।

इसे पाठ में देखें

मुख्य शब्द

मशरूम बॉडी
कीट के दिमाग का मशरूम जैसा दिखने वाला हिस्सा। यहाँ गंधें छाँटी जाती हैं और गंध की यादें जमा होती हैं।
केनियन कोशिकाएँ
मशरूम बॉडी की छोटी तंत्रिका कोशिकाएँ। हर गंध कुछ अलग केनियन कोशिकाओं को चालू करती है, इसलिए हर गंध का अपना पैटर्न बनता है।
आउटपुट न्यूरॉन
वे तंत्रिका कोशिकाएँ जो केनियन कोशिकाओं का पैटर्न पढ़कर बाकी दिमाग तक पहुँचाती हैं। वैज्ञानिक इन्हें MBON कहते हैं, यानी मशरूम बॉडी आउटपुट न्यूरॉन।
सिनैप्स
वह जोड़ जहाँ एक न्यूरॉन अपना सिग्नल अगले न्यूरॉन को देता है। दो कोशिकाओं के बीच जितने ज़्यादा सिनैप्स, उनका जुड़ाव उतना मज़बूत।

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